मूल्य परक शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र को अनेक प्रकार की बुराई, हिंसा, भ्रष्टाचार तथा उत्पीड़न के खिलाफ आधार प्रदान करती है। किसी भी सभ्य समाज के लिए शिक्षा प्राण हैं तथा जीवन मूल्य उसकी आत्मा, मूल्यों का सम्बन्ध जीवन के दृष्टिकोण से है यदि मूल्यों को जीवन कहा जाय तो अतिश्योक्ति नही होगी। मूल्यों की अवधारणा से तात्पर्य सिद्धान्त, आदर्श, तथा नैतिकता से है। मूल्यों का विकास समाज में होता है तथा सामाजिक सम्पर्क द्वारा नैतिक विकास होता है। मूल्य अभिवृत्तियाँ एवं आदर्श हमारे व्यवहार को निर्देशित करते है। मूल्यों से अभिप्रेरणा को दिशा मिलती है। आज के जीवन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण मूल्य वे होते है जो सत्यम् शिवम् एवं सुन्दरम् से ओत-प्रोत होते है और व्यक्ति के व्यवहार में समाहित हो जाते हैं, हमारे जीवन को आनन्दमय, सुखदायी बनानें में मूल्यों का महत्व अतुलनीय है। अतः प्रस्तुत अध्ययन में मूल्य शिक्षा की अवधारणा तथा वर्गीकरण एवं मूल्यों का जीवन में महत्व और मूल्य शिक्षा की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गयी है।
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