प्रस्तुत अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं की शिक्षण पद्धति पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence—AI) आधारित तकनीकों के प्रभाव का तुलनात्मक एवं विश्लेषणात्मक परीक्षण करना है। 21वीं सदी में शिक्षा प्रणाली तीव्र तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, जिसमें डिजिटल नवाचार, ई-लर्निंग तथा AI जैसे उपकरण शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को पुनर्परिभाषित कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने शिक्षा को अधिक लचीला, बहु-विषयी, समावेशी एवं प्रौद्योगिकी-आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इस नीति के अंतर्गत AI एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के एकीकरण को बढ़ावा दिया गया है, जिससे शिक्षण पद्धतियों में गुणात्मक परिवर्तन संभव हुआ है। इस अध्ययन में शासकीय, अशासकीय तथा निजी माध्यमिक विद्यालयों से कुल 150 शिक्षक-शिक्षिकाओं का चयन उद्देश्यपूर्ण न्यादर्शन विधि के माध्यम से किया गया। आंकड़ों के संकलन हेतु शिक्षण पद्धति मापनी, AI उपयोग स्केल तथा कार्य दबाव स्केल का प्रयोग किया गया। संकलित आंकड़ों का विश्लेषण सांख्यिकीय तकनीकों—माध्य, मानक विचलन, t-परीक्षण, एक-मार्गी विचरण विश्लेषण (ANOVA) तथा पियर्सन सह-संबंध गुणांक—के माध्यम से किया गया, जिससे अध्ययन की विश्वसनीयता एवं वैधता सुनिश्चित की जा सके। अध्ययन के निष्कर्षों से यह ज्ञात हुआ कि AI आधारित शिक्षण पद्धतियाँ शिक्षण की प्रभावशीलता, नवाचार, छात्र सहभागिता एवं वैयक्तिक अधिगम को प्रोत्साहित करती हैं। इसके साथ ही, यह भी पाया गया कि AI के प्रभाव में विद्यालयों के प्रकार के अनुसार महत्वपूर्ण अंतर विद्यमान है। विशेष रूप से, निजी विद्यालयों में AI का उपयोग अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी पाया गया, जबकि शासकीय विद्यालयों में संसाधनों की कमी एवं प्रशिक्षण के अभाव के कारण इसका प्रभाव सीमित रहा। अंततः यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि AI शिक्षण पद्धतियों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है, परंतु इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण, संसाधन उपलब्धता तथा संस्थागत समर्थन अनिवार्य है।
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गिरिजेश कुमार ; डॉ. अश्वनी कुमार मिश्रा
30-42
10.5281/zenodo.19647276
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