भारतीय समाज में वर्गों की एक श्रेणी है , जिसमे कुछ वर्ग ऊपर , कुछ वर्ग मध्यम एवं कुछ वर्ग निम्नतम स्थान पर हैं | उच्च वर्ग के लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा एवं शक्ति अन्य वर्गों की तुलना में सर्वाधिक होती है | निम्न वर्ग की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे कई प्रकार की सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं | आज का बालक कल के समाज का जिम्मेदार नागरिक है | समाज को उससे बड़ी बड़ी आशाएं होती है | उसे जीवन में आने वाली अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है | भारत में विभिन्न प्रकार की समस्याएं व्याप्त हैं और इन सभी समस्याओं को दूर करने में शिक्षा का योगदान महत्वपूर्ण होता है | शिक्षा के इसी महत्व के मद्देनजर सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं जिससे बच्चे शिक्षित होकर देश के विकास में अपना योगदान दे सकें | परन्तु दुर्भाग्य से कुछ विद्यार्थी ऐसे भी देखने को मिलते हैं जो मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित होते हैं जिसके वजह से वे कुंठाग्रस्त हो जाते है , फलस्वरूप उनकी शैक्षिक निष्पत्ति प्रभावित होती है | प्रस्तुत शोध के द्वारा शोधार्थी यह देखने का प्रयास किया है कि निराशा का प्रभाव व्यक्ति के आत्मसंप्रत्यय एवं उसके शैक्षिक निष्पत्ति पर क्या प्रभाव पड़ता है | साथ ही कौन - कौन से उपाय करके उनकी इस समस्या को दूर किया जा सकता है अर्थात इस शोध के शैक्षिक निहितार्थ को बताना भी अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य है |
1. गुप्ता, एस.पी.(2011), “अनुसंधान संदर्शिका…” शारदा पुस्तक भवन , इलाहाबाद |
2. गुप्ता, एस.पी. एवं अलका गुप्ता (2011),” उच्चतर शिक्षा मनोविज्ञान “ , शारदा पुस्तक भवन इलाहाबाद |
3. डंगवाल, किरन लता (2000), “ कक्षा पंचम के विद्यार्थियों में कुंठा प्रतिक्रिया तथा शैक्षिक उपलब्धि में सम्बन्ध का अध्ययन “ भारतीय शिक्षा शोध पत्रिका ,लखनऊ पेज, 16 – 19
4. कुमार, दिनेश (2024) , आजमगढ़ जनपद में बी.एड. कक्षा में अध्ययनरत अनु.जाति एवं सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों की सा.आ.स्थिति का …….“ शोध प्रबन्ध (बी. एड.) वी. ब.सिंह पूर्वांचल वि. वि. जौनपुर |
5. कपिल एच.के. (2006) , “ सांख्यिकी के मूल तत्व “ विनोद पुस्तक मंदिर , आगरा |
6. कौल लोकेश (1984), “ मैथडोलॉजी ऑफ एजुकेशन रिसर्च “ विकास पब्लिकेशन हाउस प्रा. लि. , नई दिल्ली |
7. शर्मा सुभाष ,(2007) , “ शिक्षा और समाज “ प्रकाशन संस्थान , नई दिल्ली |
डा. जगदीश कुमार
622-630
10.5281/zenodo.21382888
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