AD EDUXIAN JOURNAL

(A QUARTERLY MULTIDISCIPLINARY BLIND PEER REVIEWED & REFEREED ONLINE INTERNATIONAL JOURNAL)
YEAR: 2024 E- ISSN:3048-7951

विद्यालयी विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा का एकीकरण: कला शिक्षा के संदर्भ में

Acceptance: 04/02/2026

Published: 26/03/2026

Abstract

भारतीय ज्ञान परंपरा भारत की हजारों वर्षों पुरानी वैज्ञानिक, दार्शनिक, सांस्कृतिक, सभ्यता और कलात्मक धरोहर का प्रतिनिधित्व करती है। नई शिक्षा नीति 2020 में विद्यालय स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा को समाहित करने पर बल दिया गया है ताकि विद्यार्थी न केवल आधुनिक ज्ञान से परिचित हों बल्कि अपनी जड़ों और परंपराओं से भी जुड़े रहें। यह शोध-पत्र विद्यालयी विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश की आवश्यकता, संभावनाएँ और विधियाँ प्रस्तुत करता है। विशेष रूप से कला शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा के योगदान पर चर्चा की गई है, क्योंकि कला शिक्षा भारतीय परंपरा, लोककला और सांस्कृतिक विविधता का प्रत्यक्ष परिचायक है। शोध में यह पाया गया कि यदि विद्यालय स्तर पर गणित, विज्ञान, भाषा, सामाजिक अध्ययन और कला जैसे विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा का सम्यक् समावेश किया जाए तो न केवल विद्यार्थियों की रचनात्मकता और जिज्ञासा बढ़ेगी बल्कि उनमें सांस्कृतिक गर्व, नैतिकता और स्थिरता के मूल्य भी विकसित होंगे। विशेष रूप से कला शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कला भारतीय संस्कृति का प्रत्यक्ष और जीवंत रूप है। चित्रकला, मूर्तिकला, लोकनृत्य, शास्त्रीय संगीत, नाट्यकला और शिल्पकला जैसे क्षेत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सांस्कृतिक गर्व, पर्यावरणीय चेतना और मूल्य-आधारित शिक्षा का विकास संभव है। विद्यार्थियों के मन में सृजनात्मकता और मानवीय संवेदनशीलता का विकास करती है, जिससे वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक और संस्कारित मानव बन सकें। उदाहरणस्वरूप, मधुबनी और वारली जैसी लोककलाएँ सामाजिक जीवन को दृश्य रूप देती हैं; शास्त्रीय नृत्य और नाट्यकला साहित्य एवं इतिहास को जीवंत करती हैं; और पारंपरिक शिल्पकला स्थानीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास की शिक्षा देती है।

Keynote: भारतीय ज्ञान परंपरा, कला शिक्षा, विद्यालयी विषय, परंपरागत ज्ञान, सांस्कृतिक शिक्षा, नई शिक्षा नीति 2020, लोककला और अंतर्विषयी अध्ययन।

Author Name:

पटेल, डॉ. दिलीप कुमार

Pages:

389-399

DOI Number:

10.5281/zenodo.19223505

Reference

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Writer Name

पटेल, डॉ. दिलीप कुमार

Pages

389-399

DOI Numbers

10.5281/zenodo.19223505

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