मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है | सामाजिक जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है| शिक्षा को एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में भी स्वीकार किया जाता है | मानव अपने भौतिक तथा सामाजिक वातावरण के साथ समायोजन की प्रक्रिया में तरह तरह के अनुभव प्राप्त करता है तथा अपने इन विभिन्न प्रकार के अनुभवों के आधार पर जीवन के सामान्य सिद्धांत विकसित करता है| व्यक्ति द्वारा निर्धारित जीवन के इन सिद्धांतों को ही मूल्यों के नाम से पुकारा जाता है | मूल्यों की जीवन में महत्ता को देखते हुए अब तक गठित सभी शिक्षा आयोगों ने मूल्य परक शिक्षा को अपनाने का सुझाव प्रस्तुत किया है | आज के तकनीकी जीवन में व्यक्ति के समक्ष मूल्यों के संकट की समस्या स्वाभाविक रूप से विकराल रूप ले रही है, मनुष्य उन मूल्यों को तिलांजलि देता जा रहा है जो वैयक्तिक , सामाजिक , सांस्कृतिक विकास के लिए आवश्यक होते है| प्रस्तुत अध्ययन में माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत हिंदी तथा अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के सैद्धांतिक , सौंदर्यात्मक एवं सामाजिक मूल्यों का अध्ययन किया गया है | मूल्यों के मापन हेतु जी. पी. शैरी एवं आर.पी. वर्मा द्वारा निर्मित व्यक्तिगत मूल्य अनुसूची का प्रयोग किया गया | हिंदी तथा अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के मूल्यों के अध्ययन हेतु सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया तथा आजमगढ़ जनपद में हिंदी तथा अंग्रेजी माध्यम के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 11 के 200 विद्यार्थियों को न्यादर्श के रूप में लिया गया , जिसमे 100 हिंदी माध्यम एवं 100 अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी सम्मिलित थे |
डा. जगदीश कुमार