AD EDUXIAN JOURNAL

(A QUARTERLY MULTIDISCIPLINARY BLIND PEER REVIEWED & REFEREED ONLINE INTERNATIONAL JOURNAL)

YEAR: 2024

E- ISSN:3048-7951

शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों के छात्रों के अध्ययन आदत का शैक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव: एक प्रयोगात्मक अध्ययन

Abstract

प्रस्तुत अध्ययन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों के छात्रों की अध्ययन आदतों का उनकी शैक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव का वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है । वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में भावी शिक्षकों की अकादमिक दक्षता एवं व्यावसायिक गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए उनकी अध्ययन आदतों का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है । इसी उद्देश्य से यह शोध बिहार राज्य के दरभंगा प्रमंडल के 25 शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों के 500 छात्र-छात्राओं पर सम्पन्न किया गया। अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण पद्धति तथा स्तरीकृत यादृच्छिक नमूनाकरण विधि का प्रयोग किया गया। आँकड़ों के संकलन हेतु पालसाने एवं शर्मा द्वारा निर्मित मानकीकृत अध्ययन आदत मापनी तथा शोधकर्ता द्वारा निर्मित शैक्षिक उपलब्धि मापनी का उपयोग किया गया। परिणामों से यह ज्ञात हुआ कि छात्रों की समग्र अध्ययन आदतें मध्यम स्तर की हैं, जबकि उनकी शैक्षिक उपलब्धि मध्यम से उच्च स्तर की पाई गई। पठन क्षमता, अधिगम अभिप्रेरणा तथा परीक्षा में नियमित उपस्थिति जैसे आयाम अपेक्षाकृत सुदृढ़ पाए गए, जबकि टिप्पणी लेखन, स्मृति सुधार तथा स्वास्थ्य संबंधी आदतें अपेक्षाकृत कमजोर रहीं। सह-संबंध विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि अध्ययन आदत के सभी आयाम शैक्षिक उपलब्धि के साथ सकारात्मक एवं 0.01 स्तर पर सार्थक रूप से संबंधित हैं। कुल अध्ययन आदत और शैक्षिक उपलब्धि के मध्य उच्च सकारात्मक सह-संबंध प्राप्त हुआ, जिससे यह सिद्ध होता है कि बेहतर अध्ययन आदतें उच्च शैक्षिक उपलब्धि की प्रमुख निर्धारक हैं । लैंगिक आधार पर अध्ययन आदतों एवं शैक्षिक उपलब्धि में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया। अध्ययन के निष्कर्ष यह संकेत करते हैं कि यदि शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में योजनाबद्ध अध्ययन कौशल विकास कार्यक्रम लागू किए जाएँ, तो भावी शिक्षकों की अकादमिक दक्षता एवं शिक्षण गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

Keynote: अध्ययन आदत, शैक्षिक उपलब्धि, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय

Acceptance: 07/12/2025

Published: 30/12/2025

Writer Name

डॉ० ज्ञान प्रकाश तिवारी

Pages

464-475

DOI Numbers

10.5281/zenodo.18702566