भारत के शिक्षा तंत्र में व्यापक और सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से लाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है, जो समावेशिता, कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय मानदण्डों पर आधारित है। इस नवीन नीति को जमीनी स्तर पर लागू करने का सबसे सशक्त माध्यम 'समग्र शिक्षा योजना' है। प्रस्तुत शोध पत्र विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य के परिप्रेक्ष्य में यह विश्लेषण करता है कि नई शिक्षा नीति और समग्र शिक्षा अभियान के बीच किस प्रकार का सामंजस्य स्थापित किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य अपनी विशिष्ट भौगोलिक बनावट और बड़ी जनजातीय जनसंख्या के कारण शैक्षिक प्रसार के मामले में कुछ अलग तरह की बाधाओं का सामना करता है। यह अध्ययन राज्य सरकार की उन अभिनव योजनाओं का गहराई से मूल्यांकन करता है, जिनमें 'स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय', 'अंगना म शिक्षा' कार्यक्रम, तथा आदिवासी बोलियों (जैसे हल्बी और गोंडी) में प्रारंभिक शिक्षा देने के प्रयास शामिल हैं। अंततः यह आलेख सरगुजा और बस्तर जैसे सुदूर वनांचलों में तकनीकी असमानता (डिजिटल डिवाइड) और शाला-त्याग (ड्रॉपआउट) की समस्याओं को इंगित करते हुए भविष्य की एक मजबूत और व्यावहारिक कार्ययोजना प्रस्तुत करता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP): शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत मूल नीति दस्तावेज।
समग्र शिक्षा 2.0 रूपरेखा: स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार द्वारा जारी अद्यतन क्रियान्वयन दिशानिर्देश।
विभागीय वार्षिक प्रतिवेदन (2022-23): स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रकाशित प्रामाणिक आंकड़े।
निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat): मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान प्राप्ति हेतु राष्ट्रीय मिशन के दिशा-निर्देश।
SCERT छत्तीसगढ़ के दस्तावेज: बहुभाषी शिक्षण प्रक्रिया तथा जनजातीय बोलियों (हल्बी, गोंडी इत्यादि) में पाठ्यक्रम विकास से संबंधित आधिकारिक रिपोर्ट।
शासकीय अधिसूचनाएं: ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना’ तथा ‘अंगना म शिक्षा’ के संदर्भ में राज्य शासन द्वारा जारी परिपत्र।
कोहन लाल साहू ; डॉ. विभा मिश्रा
820-823
10.5281/zenodo.22880516
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