यह वैचारिक आलेख मदन मोहन मालवीय जी के शिक्षा दर्शन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के लक्ष्यों के बीच संबंधों की खोज करता है, विशेष रूप से कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और नैतिक शिक्षा के संदर्भ में। यह व्यावसायिक परिपक्वता (Vocational Maturity)और तकनीकी प्रतिभा सहित प्रमुख मानकों को परिभाषित करके शुरू होता है। चर्चा में मालवीयजी के दर्शन को वर्तमान शैक्षणिक परिवेश में लागू करने के व्यावहारिक निहितार्थों पर प्रकाश डाला गया है, साथ ही प्रशिक्षक शिक्षा और उद्यम भागीदारी की आवश्यकता सहित क्षमता एवं चुनौतियों को स्वीकार किया गया है। उपलब्ध शोध पत्र, आलेख, साहित्य और नितीगत दस्तावेज के मूल्यांकन के संश्लेषण के माध्यम से, यह अध्ययन तकनीकी दक्षता और नैतिक सुधार पर दोहरी मान्यता के मूल्य को रेखांकित करता है, अंत में यह प्रस्तुत करता है कि मालवीय जी के विश्वासों में निहित एक शैक्षिक मॉडलNEP 2020 के सपनों को सजा सकता है। पेपर भविष्य के अध्ययन के रास्तों की पहचान करके समाप्त होता है जो इन शैक्षणिक दर्शनों को एकीकृत करके और उसका प्रभाव विद्यार्थियों के विकास पर क्या पड़ता है इसकी समान रूप से जांच कर सकते हैं।
आकांक्षा उपाध्याय
130-141
05.2025-58429495
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