AD EDUXIAN JOURNAL

(A QUARTERLY MULTIDISCIPLINARY BLIND PEER REVIEWED & REFEREED ONLINE INTERNATIONAL JOURNAL)

YEAR: 2024

E- ISSN:3048-7951

मीडिया में भारतीय त्योहारों का चित्रण

Abstract

त्योहार किसी भी देश की सभ्यता एवं संस्कृति के परिचायक होते हैं। त्योहार चाहे कोई भी हो वह मन में उमंग और उत्साह का संचार करता है। विशेष रूप से विविधताओं में एकता की प्रतीक भारतीय संस्कृति में तो त्योहारों की बात ही अलग है। भारत में जितने त्योहार मनाए जाते हैं शायद ही दुनिया के दूसरे किसी देश में इतने त्योहार मनाए जाते हों। हर त्योहार का अपना एक सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। त्योहारों के जरिए समाज एवं संस्कृति प्रफुल्लित होते हैं और साम्प्रदायिक सद्भाव की भावना का भी विकास होता है। त्योहारों के मौके पर मेले लगते हैं, शोभा यात्राएं निकलती हैं तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। जिस प्रकार भारत में त्योहारों की अपनी एक समृद्ध और विशाल परंपरा है ठीक उसी तरह यहां मीडिया का फलक भी उतना ही विस्तृत है। यही वजह है कि त्योहारों के मौके पर होने वाले विभिन्न आयोजनों को व्यापक मीडिया कवरेज भी मिलती है। जनसंचार के विभिन्न माध्यम इन त्योहारों के आयोजन को और शानदार बना देते हैं और विश्व के कोने-कोने में भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार होता है। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया, सोशल मीडिया और यहां तक कि पारंपरिक माध्यमों के जरिए भी अलग-अलग धर्म-संप्रदायों के त्योहारों को व्यापक कवरेज मिलती है और इनका संदेश जन-जन तक पहुचता है। विशेष रूप से सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव की वजह से भारतीय त्योहारों को वैश्विक पहचान मिली है और इसी वजह से केवल हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भारतीय त्योहारों को धूमधाम से मनाया जाने लगा है। इस शोध पत्र के माध्यम से विभिन्न जनसंचार माध्यमों भारतीय त्योहारों के चित्रण की पड़ताल की गई है। साथ ही यह समझने का प्रयास भी किया गया है कि जनसंचार माध्यम किस प्रकार त्योहारों को सेलिब्रेट करने के वैज्ञानिक तरीके विकसित कर सकते हैं और इन्हें लोगों के बीच में लोकप्रिय भी बनाने का सामथ्र्य भी रखते हैं।

Keynote: जनसंचार माध्यम, भारतीय त्योहार, राष्ट्रीय एकता, संस्कृति

Acceptance: 04/02/2026

Published: 10/02/2025

Writer Name

डॉ० प्रदीप कुमार और डॉ० अमरदीप

Pages

79-85

DOI Numbers

10.5281/zenodo.18497670