सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) ने आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावशाली एवं गतिशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रस्तुत अध्ययन में बी.एड. महाविद्यालयों के संदर्भ में शिक्षक-प्रशिक्षण में आईसीटी की भूमिका एवं महत्त्व का विश्लेषण किया गया है। वर्तमान डिजिटल युग में आईसीटी पाठ्यक्रम निर्माण, कक्षा-शिक्षण, अधिगम संसाधनों, मूल्यांकन प्रक्रिया तथा शिक्षक एवं प्रशिक्षु-शिक्षकों के व्यावसायिक विकास का एक अभिन्न अंग बन चुकी है। कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्ट कक्षा, मोबाइल एप्लिकेशन तथा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचना की सुलभता बढ़ी है तथा स्व-अधिगम, अंतःक्रियात्मक एवं शिक्षार्थी-केन्द्रित शिक्षण को प्रोत्साहन मिला है। आईसीटी समय एवं स्थान की बाधाओं को कम करते हुए सतत प्रतिपुष्टि, सहयोगात्मक अधिगम तथा समस्या-समाधान कौशल के विकास में सहायक सिद्ध होती है। अध्ययन में शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तकनीकी एकीकरण पर बल देने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों एवं आयोगों की अनुशंसाओं पर भी प्रकाश डाला गया है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि बी.एड. महाविद्यालयों में आईसीटी का प्रभावी एवं व्यवस्थित उपयोग शिक्षक-शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा भावी शिक्षकों को तकनीक-सक्षम, सृजनात्मक एवं समकालीन शैक्षिक चुनौतियों के लिए तैयार करने में अत्यंत आवश्यक है।
डॉ चन्द्र भूषण कुमार
420-422
10.5281/zenodo.18088914