मौर्य साम्राज्य के विघटन के पश्चात दूसरी सदी ई॰ पू॰ तक भारत में छोटे-छोटे राज्यों का उदय हुआ। इन राज्यों में कौशांबी, मथुरा, तक्षशिला, कोसल, पांचाल, उज्जैन, विदिशा, महिष्मती, यौधेय, कुणिंद, औदुम्बर जैसे गणराज्यों का उल्लेख प्राप्त होता है। इनमें से अधिकांश राज्यों का ज्ञान यहाँ की मुद्राओं से होता है। क्योंकि कुछ मुद्राएँ लेखयुक्त हैं और अपनी-अपनी पहचान एवं नाम के साथ अंकित की गयी है। उल्लेखनीय है कि इन मुद्राओं के पुरोभाग तथा पृष्ठभाग दोनों पर देवी-देवताओं तथा उनके प्रतिकों का अंकन प्राप्त होता है। इस प्रकार ये जनपदीय एवं जनजातीय मुद्राएँ निदन्देह तत्कालीन समाज में फैले हुए धार्मिक विश्वासों को अभिव्यक्त करने में पूर्णतरू सफल दिखायी पड़ती है।
डॉ० अलीम अख्तर खाँ
81-86
02.2025-47734383
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