यह शोध आलेख रामगढ़ प्रखण्ड (सदर) में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता का एक समालोचनात्मक एवं बहुआयामी विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का केंद्र बिंदु यह है कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल विद्यालयों की उपलब्धता या नामांकन दर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधारभूत संरचना, शिक्षक दक्षता, शिक्षण-पद्धति, सीखने के परिणाम तथा सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के संयुक्त प्रभाव से निर्धारित होती है। शोध में यह पाया गया है कि रामगढ़ प्रखण्ड में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में नामांकन और संस्थागत विस्तार के बावजूद गुणवत्ता के स्तर पर गंभीर चुनौतियाँ विद्यमान हैं। अध्ययन यह भी स्पष्ट करता है कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की कमी, मल्टी-ग्रेड शिक्षण, डिजिटल संसाधनों का अभाव तथा शिक्षक प्रशिक्षण की अपर्याप्तता शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक असमानता—विशेषकर वर्ग, लिंग और समुदाय आधारित विभाजन—विद्यार्थियों के सीखने के स्तर और शैक्षिक अवसरों को प्रभावित करती है। सीखने के परिणामों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि प्राथमिक स्तर के अनेक विद्यार्थी बुनियादी पढ़ने और गणितीय कौशल में अपेक्षित दक्षता प्राप्त नहीं कर पाते। यह आलेख इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए केवल नीतिगत हस्तक्षेप पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षक सशक्तिकरण, संसाधनों की उपलब्धता तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। समग्र रूप से, यह अध्ययन शिक्षा की गुणवत्ता को एक व्यापक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में देखने की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जिसमें समानता, समावेशन और सतत विकास के सिद्धांतों को केंद्र में रखा जाना चाहिए।
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सत्येंद्र, सत्येंद्र
522-525
10.5281/zenodo.19653935
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