AD EDUXIAN JOURNAL

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YEAR: 2024 E- ISSN:3048-7951

पंचायती राज में महिलाओं की भूमिका: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन

Acceptance: 07/12/2025

Published: 30/12/2025

Abstract

राजनीतिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी लोकतांत्रिक विकास और लैंगिक समानता का एक महत्वपूर्ण सूचक है। भारत में, पंचायती राज व्यवस्था ने जमीनी स्तर पर लोकतंत्र और समावेशी शासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 1992 में 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के लागू होने से पंचायती राज संस्थाओं में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करके महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस सुधार ने लाखों ग्रामीण महिलाओं को राजनीतिक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में भाग लेने के अवसर प्रदान किए। यह अध्ययन पंचायती राज में महिलाओं की भूमिका का समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य से विश्लेषण करता है। यह स्थानीय शासन में महिलाओं की भागीदारी के ऐतिहासिक विकास, महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए संवैधानिक प्रावधानों और ग्रामीण विकास पर महिला नेताओं के प्रभाव का विश्लेषण करता है। यह अध्ययन महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के महत्व को समझने के लिए नारीवादी सिद्धांत, संरचनात्मक प्रकार्यवाद और संघर्ष सिद्धांत जैसे समाजशास्त्रीय सिद्धांतों का भी अध्ययन करता है। इसके अलावा, लेख में बिहार, राजस्थान और केरल सहित विभिन्न राज्यों की उपलब्धियों और केस स्टडीज़ पर प्रकाश डाला गया है, जहाँ महिला नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन सकारात्मक विकासों के बावजूद, महिला प्रतिनिधियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें पितृसत्तात्मक सामाजिक संरचनाएं, परोक्ष नेतृत्व, शिक्षा की कमी और प्रशिक्षण तक सीमित पहुंच शामिल हैं। अध्ययन का निष्कर्ष यह है कि लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय और सतत ग्रामीण विकास प्राप्त करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करना आवश्यक है। जमीनी स्तर पर शासन में महिलाओं की भूमिका को बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनकी सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम, नीतिगत समर्थन और सामाजिक जागरूकता आवश्यक हैं।

Keynote: महिला सशक्तिकरण, पंचायती राज, जमीनी स्तर का लोकतंत्र, लैंगिक समानता, ग्रामीण शासन, समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य, राजनीतिक भागीदारी

Author Name:

डॉo गोविन्द कुमार रोहित

Pages:

506-512

DOI Number:

10.5281/zenodo.19054349

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Writer Name

डॉo गोविन्द कुमार रोहित

Pages

506-512

DOI Numbers

10.5281/zenodo.19054349

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