यह शोध अध्ययन बिहार की राजधानी पटना में शहरी राजनीति में लैंगिक संवेदनशीलता की स्थिति, चुनौतियों एवं संभावनाओं का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। 74वें संविधान संशोधन (1992) के बाद शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33% तथा बिहार में 50% आरक्षण के बावजूद वास्तविक निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी अभी भी सीमित है। अन्वेषणात्मक पद्धति के आधार पर किए गए इस अध्ययन में 200 महिला मतदाता से टू स्टेज क्लस्टर सैंपलिंग विधि से सर्वेक्षण द्वारा प्राप्त आँकड़ा, फोकस ग्रुप डिस्कशन तथा पटना नगर निगम के दस्तावेजों का विश्लेषण शामिल है। निष्कर्ष दर्शाते हैं कि पितृसत्तात्मक संरचना, परिवारिक बाध्यताएँ, क्षमता निर्माण की कमी, पुरुष पार्षदों का वर्चस्व तथा प्रशासनिक तंत्र की उदासीनता लैंगिक संवेदनशील शहरी शासन के प्रमुख अवरोध हैं। शोध लैंगिक संवेदी बजट, अनिवार्य प्रशिक्षण, सुरक्षित कार्य वातावरण तथा नीतिगत सुधारों की अनुशंसा करता है।
आनंदी कुमारी और डॉ० यादव गुंजन रामराज
298-304
10.5281/zenodo.17927140
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